Monday, August 22, 2011

खंड 21 संख्या 4 "गुफा दैत्य का अपहरण"

सभी हिंदी इंद्रजाल कॉमिक्स के चाहने वालों के लिए प्रस्तुत है एक तूफानी वेताल गाथा ,   यह कहानी सन्डे स्ट्रिप 117 "The Missing Link Family" से ली गयी है  
 खंड २१ संख्या ०४ "गुफा दैत्य का अपहरण"

         
                           


  कहानी शुरू होती है वेताल के मित्र द्वीप से , देखिये जरा इस का एक मनमोहक दृश्य


 
इस द्वीप के निवासी हैं यह , गुफा दानव परिवार: हज्ज , उसकी सुन्दर सी  बीवी हर्ज़ और इनका एक बच्चा !


देखने में इतने भयंकर , मगर देखिये कैसे एक बच्चे की तरह बाहें फैलाये अपने मित्रों की और दौड़ रहा है 




शरीर इनका ऐसा फौलादी  की गोलियां भी इनपर  बेअसर 


मगर इंसान से बड़ा जानवर कोई भी नहीं , जिसने अपनी कुदृष्टि इस द्वीप पर डाल ही दी 


और आख़िरकार इस गुफा दानव का अपहरण हो ही गया


बेहोशी में भी हज्ज ऐसे दिख रहा है की जैसे अभी उठ जायेगा 


अपहरण की खबर वेताल तक भी पहुँचती है , जरा हरे भरे जंगल और शेरा - तूफान के सरपट भागते पैर देखिये , दोनों के चारों पैर हवा से बातें करते हुए देखीय , अलोकिक नजारा !!


क्या विलक्षण तरीका है मित्र द्वीप तक पहुँचने का , एकदम झकास !


मगर यह क्या , वेताल तो बिलकुल भी चिंतित नहीं है , मगर क्यों ? चलो , सुनते हैं की वेताल क्या कह रहा है अपने मित्रों से   परर पररर  पर्र्र्रर 


 हज्ज और सुलगता एटम बम्ब ! क्या यह सही है , आप खुद ही देखिये इस बम्ब को फटते हुए !! 
 

  शिकारी खुद ही शिकार हो गए , देखिये कैसे वेताल के पहरेदारों नें इन्हें दबोचा हुआ है  



लेकिन यहाँ पर यह सुनामी जैसी तबाही कैसे आ गयी  और वेताल को किस बात का डर था 

                                                          
यह सुनामी समुन्दर से नहीं बल्कि अपने परिवार को संकट में घिरा देख ज्वालामुखी का रूप धारण कर चुके हज्ज की ही देन है  और सुलगते हज्ज का लावा फूटता हुआ देखिये , हर और तबाही , सब तहस  नहस


देखिये आर्मी का क्या हाल होता है वो जब पहली बार हज्ज के दर्शन करते है !


हज्ज और उसका परिवार टैंक के निशाने पर है  , टैंक चालक को थोड़ी दया भी आती है ,  मगर वो भी अपने अफसर का हुकम मानने पर मजबूर है



अरे  यह क्या ! अपनी पत्नी और बच्चे को मुसीबत में घिरा देख कर  हज्ज नें तो कार को खिलोने की तरह उठा क़र अपनी ढाल बना लिया और यह फैंका टैंक पर  धाड से  !


और आखिरकार हज्ज की पहाडनुमा  ताक़त से हैरान हो कर एक  सैनिक के मुंह से तो बरबस  यह निकल पड़ा                                         
" Nothing on Earth is that Strong " !!!


मगर हज्ज को चारों और से गोलों से भेदने की तैयारी क़र ली गयी है और तभी इस निर्णायक मौड़ पर वेताल का पर्दापण हुआ , और जरा इस भावुक मिलन को तो देखिये ! किसी की नजर न लगे ! 


क्या वेताल इस हज्ज और इसके परिवार को बचा पाया , यह तो मैं नहीं बताने वाला , इसके लिए आपको इस हाहाकारी गाथा को पड़ना ही होगा !!!





1 comment:

Raj Joshi said...

Very nice post..
Could you please post the first part of Bahadur aur Chudail Ki Chunauti where Bela's father is kidnapped.

Very nice presentation, Vishal Bhai, Thanks!

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