Saturday, February 4, 2012

# 5th Anniversary Post

Friends a warm welcome to all of you at this special occasion which is the 5th anniversary of this blog.A whole five years have been elapsed since Comic World came into existence on blogosphere with a motive behind to share and discuss the comics,specially Indrajal comics,with all of you. 


In 2007,debut year of the blog,a total of 87 posts were posted in a span of one year in which mostly were Indrajal comics and that too dual version of a single issue.After arrival of 2008 several other comic blogs came into existence too with a purpose of sharing Indrajal comics as a result the no. of posts reduced to 43 in its 2nd year.


The depletion of limited quota of 803 IJC at a quick rate made me think that what will be the future of blog after all IJC issues will be posted ! This concern made me to switch over to other non-IJC comics and my passion associated with comics in general made me to discuss/post more and more about comics,novels,magazine which added a variety and difference to this blog.The posting frequency,though,decreased but the colors and variations did certainly added. 


In the meantime i steered towards my other passion movies also which prompted me to prepare posts on movies like SHOLAY,talented but defunct directors and popular film magazines too which was appreciated by all of you.


Once moved away from mere comic posting it further disinterested me to post comic links only and i started looking upon any such opportunity which inspired me to discuss/share something meaningful along with comic links,thus trading of with the posting frequency.The no. of post per year reduced further but selectivity and variety increased accordingly.


Of late i discovered the opportunity of doing something that which i was longing from a long time,i.e.,discussing in detail about the comparative study between original Phantom strips and published Indian comic books over these strips such as Indrajal and Diamond comics.


These comparative analysis were also liked and quite appreciated by all of you to my satisfaction and served as a inspiring force behind another dream project of mine,i.e.,conversion of all non-Indrajal Phantom strips in Hindi,about which more i will discussing in coming paragraphs.


The blog which was initiated to revive and rekindle passion for Indrajal comics in particular ignited the passion for comics in general and morphed me into a avid comic collector of bygone comics beginning with Indrajal comics and followed by manoj chitra katha,
diamond,chitrbharti,kiran,star comics,amar chitra katha etc to name a few.
Days,months and years passed resulting in growing up of my collection which time to time i did displayed in several posts too.


During the 5 year journey of this blog it happened to interact with finest passionate comic collector/readers all over the world.In beginning the regular visitors were mainly the IJC lover and collectors like Ajay Misra,ICC,TPH,Chandan,Sagnik,Col.Worobu,Bala,Anurag Dixit etc to name a few,and when the focus shifted to comics,magazines and novels in general then avid comic readers like Kuldeep jain,Arun,Lalit,Vijat Kr.Sappatti,Anand emerged with their appreciative knowledge base and nostalgic writing skills.


One of the major achievement during this journey proved to be the mentioning of Comic World in Indian leading daily The Hindustan Times which highlighted and appreciated the different nature and quality of this blog.


Since then the journey is still ON despite of daily life hectic schedule and other priorities of life but missing certainly that much level of enthusiasm which was earlier,anyway lets see till when this journey could be continued through this blog.


So,after the preface lets begin this special anniversary post welcoming all of you by a comicoanalysis of a Indrajal comic which was the main inspiring force behind the formation of the blog.
This comic,'Dayalu Pret'(IJC No.321) is scanned,analysed and posted by a dear friend and fantastic comic lover cum collector Vishal Sharma in his unique posting style which is similar to a poet singing heroic ballads.
For his unmatched style of posting all credit for this comic along with a heartfelt thanks goes to him.   


"Dayalu Pret"(By Vishal sharma)



(Cover Courtesy : Zaheer Bhai)

 हिंदी इंद्रजाल के चाहने वालों के लिए पेश है "कॉमिक वर्ल्ड के पांच वर्ष"  पूरे होने के उपलक्ष्य में एक और वेताल कथा "दयालु प्रेत" ! दैनिक स्ट्रिप नंबर 66 "THE WHITE  PRINCESS " जो की 01 अप्रैल 1957  से लेकर 29 जून 1957 तक चली और इस विलक्षण कहानी को टाइम्स ऑफ़ इंडिया नें इंद्रजाल कॉमिक्स के अंतर्गत 1979  में अपने 321वें अंक में प्रकाशित किया जिसका  इंग्लिश में शीर्षक  " The Benevolent Ghost " और हिंदी में शीर्षक  "दयालु प्रेत" है इस कहानी को अपने सरल लेकिन  बेहद रोमांचक और रहस्मय चित्रों से बखूबी सजाया है  'विल्सन मकॉय' नें
(नोट :- नीचे दिए गए तमाम ब्लैक एंड वाईट चित्र स्ट्रिप से लिए गए हैं , इस स्ट्रिप से ताल्लुकात रखने वाले हर शख्स का धन्यवाद)

दिन में सपने कई लोग देखते हैं  लेकिन अगर ऐसा सपना हकीकत में पूरा हो जाये तो क्या वो इंसान खुशनसीब है की बदनसीब, यह इस कहानी में श्री ली फाक द्वारा बखूबी दर्शाया गया है |
ऐसे  ही एक सपने को हकीकत में बदलने का 'सुख' भोगा है इस कहानी की मुख्य नायका कुमारी मैगी नें जो की पेशे से एक स्टेनोग्राफर है |


हर लड़की की तरह मैगी का भी एक सपना है : फिल्म स्टार बनने का ! अरे नहीं
तो क्या घर गृहस्थी का ! क्या बात करते हो , बिलकुल भी नहीं !!


तो क्या अपने प्रेमी संग सुखमय जीवन का सपना ? अरे छोड़ो यार , उसे तो अपना प्रेमी ही अपने 'सपने' के सामने 'डल' लगने लग गया है ! आखिर ऐसा कौन सा सपना संजोये बेठी है कुमारी मैगी ?



मैगी का जो सपना है , वो आज तक किसी और लड़की नें कभी सोचा भी नहीं होगा , मैगी का सपना है की वो शहरी दुनिया से दूर जंगल में किसी कबीले की देवी बने !!
ऑफिस में अगर आपके काम से बॉस का सिर यूँ से चकरा जाये तो बस समझ लीजिये खतरे की घंटी बज चुकी है , कुमारी मैगी अगर आप 'चित्र' की जगह पर 'चीता' लिखोगे और 'स्याही' की जगह पर 'सिंह' तब तो छुट्टी तय ही है , और हुआ भी ऐसा....


मैगी जी , बॉस आपको शोर्टहैण्ड सुधारने की नसीहत दे रहे हैं और आप बोंगो की थाप के बारे में बात कर रहे हो , आपने तो आपने बॉस को धो ढाला :) , मान गए मैगी आपको ! आप तो छा गए!!

 जब इंसान कुछ करने की ठान लेता है तो कुछ भी मुश्किल नहीं होता , मैगी नें जंगली देवी जैसी  ड्रेस खरीदी और जंगल दर्शन सेवा उड़ान का लाभ उठाते हुए और पायलट को गच्चा देते हुए पैराशूट से घने जंगल के बीचों बीच कूद पड़ी |

 
इसे कहते हैं "आसमान से गिरी और देग में अटकी" ! जिन कबीले वालों के सपने मैगी दिन रात देखती थी आख़िरकार उनसे आज आमना सामना हो ही गया , लेकिन मन में डर  भी था की कहीं यह नरभक्षी ही न हों , कहीं इसे इस देग में ही ना तल दें :(
अरे वाह ! यहाँ तो कबीले वालों नें 'बावर्ची' भी रखा हुआ है, देखिये जरा इस मोटे को जिसनें हाथ में मशाल थामी हुई है  ! लेकिन यह जो विल्सन मक्कोय नें इन कबीले वालों को लज्जानीवारण हेतू नामात्र का गमछा सा कमर पर पहनाया है , इसे देखकर बहुत हंसी आती है जब यह सोचता हूँ की थोड़ी सी हवा चलने पर यह गमछा... :), चलिए छोडिये गमछे वमछे को , आगे बढते  हैं |


 लेकिन मैगी नें  हिम्मत से काम  लिया  और देवी की तरह खड़े हो कर वाम्बैसी कबीले को समझाने लगी  इशारों से की वो आसमान से आई है इस कबीले की देवी बन कर !  


और नतीजा , वाम्बैसी कबीला मैगी देवी  के चरणों में नतमस्तक ! हुल्ला हुल हुल्ला लाला हुल हुल हुर्र , मैगी देवी की जय ! भगवान आपको आने वाली मुसीबत से बचाए !


वाम्बैसी कबीले के मुखिया का बेटा राजकुमार वोम्बो शहर से थोडा बहुत पड़ा लिखा है और उसे पता है की ऐसी कोई देवी नहीं होती , लेकिन वो इस पूरे मामले का मजा ले रहा है और मैगी का मन रखने के लिए उसे देवी मान लेता है और उसे अपने पिता के सिंहासन पर भी बेठा देता है ! मैगी भी अपने सपने को पूरा होता देख कर मन ही मन प्रसन्न है (आने वाले संकट से पूरी तरह से अनजान ) |


वाम्बैसी मुखिया अपने कबीले को प्रसिद्धी दिलवाने के लिए यह खबर जंगल में फैला देता है की आसमान से देवी उनके कबीले की शोभा बढाने आई है और सभी जंगल वाले यह खबर मिलते ही देवी के दर्शन के लिए उतावले हो जाते हैं और मैगी देवी को भेंट भी चढ़ावे के तौर पर चढ़ाते हैं ! मैगी के तो पूरे ठाठ हैं ..

 देवी की प्रसिद्धी को और बूनाने के लिए घाघ दिमाग मुखिया नें देवी के दर्शन के लिए फीस वसूलनी शुरू कर दी , और लोग भी अपनी जेबें ढीली करते गए और वाम्बैसी के खजाने में वृद्धि होने लगी , मुखिया का विश्वास और पक्का हो गया की यह सब धन सम्पदा देवी की बदौलत ही मिली है |


 मैगी उप्स माफ़ कीजियेगा 'वाम्बैसी की  देवी' अपने आप को दुनिया की सब से खुशनसीब लड़की समझ रही है [फिलहाल ;)]देखते हैं कब तक देवी जी का दिमाग सातवें आसमान पर रहता है :)


और अब शुरू होता है देवी जी का  अर्श से फर्श की और का पहला कदम , शहर में पली बड़ी मैगी का एक रात बाहर घुमने का मन हुआ , लेकिन पहरेदारों नें उसे बाहर जाने से रोक दिया और वाम्बो नें यह कह के रोक दिया की पिता जी कहते हैं की रात की हवा आपके लिए ठीक नहीं है , मैगी को यह तो अहसास हो ही गया की वो एक शाही क़ैद में है !

अब मैगी को यह भी पता चल गया की उसको सिर्फ इस्तेमाल किया जा रहा है , पैसा कमाने की खातिर ,अरे भाई हमारी मैगी कोई तमाशा है क्या जिसकी फीस वसूल रहे हो! :०)


 मैगी नें मौका देखकर यहाँ से भागना ही उचित समझा पर धन दौलत बरसाने वाली देवी को काबिले वाले कैसे जाने देते और बस फिर क्या था पकड़ लिया मैगी को |


बेचारी मैगी , धडाम से ओंधे मुंह अपने तख्तपोश पर रोती बिलखती रह गयी , कोई चुप करवाने वाला भी नहीं वहां पर , काश मैं होता वहां पर मैगी का दुःख बाँटने के लिए !


अब मैगी की असलियत लोंगो कबीले को भी पता चल गयी जिसे वाम्बैसी कबीले नें देवी की आड़ में खूब लुटा , लो कर लो बात ! अब लोंगो कबीला धन कमाने के लिए मैगी के अपहरण की योजना बनाने लग गया , और इधर मैगी मौका देख कर भागने में कामयाब हो जाती है तो वाम्बैसी को लगता ही की यह लोंगो कबीले की शरारत है , दोनों कबीले एक दुसरे के खून के प्यासे बन जाते हैं  
और इधर जंगल में मैगी को वेताल तेंदुए से बचाता है , पर मैगी वेताल को देखकर डर से बेहोश हो जाती है |


होश में आने पर मैगी नें अपनी आपबीती वेताल को सुनानी शुरू की और वेताल नें भी पूरे मसले को गौर से सुना |

 जैसे ही वेताल को पता चलता है की मैगी देवी की वजह से वाम्बैसी और लोंगो  कबीला  एक दुसरे को मारने पर उतारू हैं तो वेताल नें और वक़्त ना ज़ाया करते हुए एक होने वाले भयंकर मारकाट को रोकने का निश्चय किया |


 वेताल नें वाम्बैसी और लोंगो कबीले के मुखियाओं से पूछा की 'वेताल शांति' क्यों भंग की गयी तो वाम्बैसी कबीले नें लोंगो कबीले पर देवी को चुराने का आरोप लगाया तो लोंगो नें वाम्बैसी पर धन ऐंठने का आरोप लगाया ।


 वेताल नें बुद्धिमता से काम लेते हुए बड़ी ही चतुराई से 'कबीले की देवी' की गुत्थी सुलझाई यह बोल कर की देवी आकाश से आई थी और तुम दोनों कबीले वालों की लड़ाई से नाराज हो कर हवा में ही विलीन हो गयी है और वो अब कभी नहीं आएगी , मैगी चुपचाप सब कुछ देख रही है  ।


 मैगी नें पूरे मामले पर वेताल से माफ़ी मांगी और पूछा की कहीं वेताल उसे मुर्ख तो नहीं समझ रहा तो वेताल नें यह कहा की "दिन में सपने कई लोग देखते है  पर कुछ मुर्ख और साहसी लोग अपने सपने पूरा करने निकल पड़ते हैं !" अब क्या मैगी साहसी लोगों की श्रेणी में आती है यां मुर्ख  लोगों की , इसका जवाब शायद मैगी को मिल चुका है :)




और अगर देखा जाये तो  वेताल सच ही कह रहा है क्योंकि मैगी आसमान के रास्ते से आई और उसी रास्ते से वेताल नें उसे वापस शहर भेज दिया |





और कहानी के अंत में:--

कहीं ख़ुशी  :)



कहीं गम  :(




I am quite sure all of you must have enjoyed the comic and posting style of Vishal Bhai.

Next presentation of Comic World anniversary post comes from a well known,renowned and very popular name among stalwarts of comic collector, Mr.Ajay Misra, who has always been ready to help and contribute whenever needed.A big thanks and all credit for this FREW issue goes to him.

FREW No.890(By Ajay Misra) 



Those who are admirers of non-Indrajal comics for them a parampara comic is contributed by another dear friend Mohit Bhai for which heartfelt thanks goes to him along with all credit.

Inspector Siddharth(By Mohit Raghav)




After these comics don't forget to enjoy this vintage issue of Lotpot scanned by yours truly.

Lotpot No.142 




As mentioned earlier in this post about my dream project of translating all Phantom strips in Hindi which were not published by Indrajal comics,the work on very first strip has been completed.
The work on the strip No.D 85(The mysterious Ambassador) was started around one and half year back but got completed only a couple of weeks because of wild swings of my mood.
Ideally it was thought to translate as well as color all those strips which were not published in Indrajal comics and for this the coloring job was offered to TPH,of whom coloring abilities of B/W strips we all are well aware of,but unfortunately the union couldn't be formed.

Anyway here is the download link of transliterated strip D-085-'The Mysterious Ambassador' for all of you,there may be a lot of mistakes/errors in the final work as this was my very first attempt to transliterate any English strip in Hindi by translating English text in Hindi,fitting it in the limited space of English text balloons.

The whole experience was quite a learning one and monotonous too as repetitively erasing English text and pasting the translated Hindi text was not a enjoyable job to do,apart from it writing in Hindi fonts with google transliteration proved to be a quite tedious job as it was quite difficult to get a desired Hindi word for a novice in google transliteration so many time a compromise has to be done by using a similar and same meaning but less complicated Hindi word in GT.

I am quite sure that all the shortcomings and mistakes of this first Hindi strip won't be in there in the next strip.

Daily Strip no.85 'The Mysterious Ambassador'  



Here is a another Indrajal from Ajay Misra in Hindi,no.91,for which once again all thanks and credit to him.This is the indrajalic version of Daily strip no.41(Whirlpool Channel) which ran from 26th March to 16th June 1951.

Dhoort Juari( By Ajay Misra)



For enthusiast comic lover here is a brain storming short quiz prepared by a well known enthusiast and avid comic lover Arun brother for all of you for which my sincere thanks to him.Lets see how many of you could solve it.

Quiz 1

Q-1 In which magazine apart from ‘Parag’ and ‘Diamond Comics’ Shehab’s character Chhotu-Lambu appeared?

Q-2 Junior James Bond also appeared in three publications. Two of them are ‘Chitra Bharti’ and ‘Nanhe Samrat’. Can you tell the name of the third one?

Q-3 Apart from ‘Diamond Comics’ which publication published James Bond comics in Hindi?

Q-4 Famous cartoonist Harish M Sudan created a character for Manoj Comics? Can you name him?

Q-5 Who used to illustrate Tinkle character ‘Anwar’ in the earlier Tinkles?
 
Q-6 Which publication published ‘Commando’ series in Hindi?

Q-7 Who created ‘Chimpoo’ and ‘Nanhe Miyan’ characters in Diamond Comics?

Q-8 Cartoonist Pran’s character ‘Raman’ used to appear as a feature in one of the main newspaper of North India? Can you tell the name of that newspaper?

Q-9 Hanry was re-christened in Hindi by two different names by two publications. That is ‘Gunakar’ by Inderjal Comics and ‘Ganje Lal’ by another famous publication. Can you name the publication?

Q-10 Who created Bhola – a side character in Inderjal Comics?




Few weeks ago while flipping through the film magazines of 50 and 60 i find few images,articles worthy enough to share with all of you which are being presented here.

Have you ever heard of Prem chopra doing a hair cream ad...no !! ok then see it here.




The golden voice of India...



An early image of handsome Firoz Khan



....'Jaani' Rajkumar in pensive mood.



Dashing 'Dharam paaji' when he landed in tinsel town.




A rare picture of young 'Sunny Deol' with dad Dharam.



Do you remember 'Dalda' ghee...




It was the month of August of 1960 when a epic film was going to be released,vibes of the movie were present everywhere and film magazines being no exception.Have a look on the grandeur of the movie named 'Mughle Aazam'.




It was premiered in 'Maratha Mandir' theater at Mumbai,here are some of the images of its royal premiere.





and here is the review of this epic love story on celluloid taken from the pages of Filmfare of 1960's(pl bear with me the cropped image due page size large enough to fit on scanner glass) .


and here is the man responsible for this classic on the sets of Sheeshmahal which was so popular that people use to come specially to see this beautiful and grand set.



For movie enthusiasts presented herewith a short quiz.

Quiz 2

Can you recognize these film personalities.....

a)  


b) 


c)


d) 


e) 


f)


g) 




Also here is the galaxy of vintage ads of bollywood beauties associated with LUX soap.









Can you recognize these three 'young and dynamic' models endorsing a fabric...



and in last have you ever seen a more younger pic of Rajesh Khanna than this...


I hope you would have liked this 5th anniversary post,if yes then pl do drop your reactions,suggestions,ideas,criticism,appreciation and thoughts about it.


29 comments:

AJAY said...

Congrats ! Zaheer . I like your translated story . Pl post more , small strips first so that time invoved is less

AJAY said...

Zaheer , just read some pages of D-085 , translated version , it came very nice , keep it up . hope to see some more such stories .

One female Phantom story is very nice to post in Hindi , short & nice story

Comic World said...

Ajay: Thanks Ajay for encouragement,yes,there are many stories in pipeline which i hope to translate soon.

gaurav saini said...

agar maine is post ko bahut aaram se nahi padha to badi galti hogi

i am reading it slowly so as to enjoy it ....

comics movies kitabo par charcha karna ya accha padna

bahut dino baad is bhagambag jindagi mai ek mauka mila hai

KYA WO SUKKON BHARE DIN KABHI WAPAS AAENGE

kuch din pehle hi maine ek purane film kalakar ko kehte suna ki
film se jyada hero uske promotion mai jaan lagata hai

kya yeh kalakar kam mehshoor the kya inki pratibha mai koi kami thi...

inhe to naam aur shohrat pane ke liye sadak pe road roleer nahi chalana pada ya mahihno tak malls mai ja ke chilla chilla ke film ka prachar nahi karna pada
SABH KUCH MARKETING MAI KHO GAYA HAI..

vetal comic...lotpot or wo MUGL E AZAM OR LUX ADS KI CPLLECTION ISME TO NAGINE DHOND DHOOND KAR BHARE HUE HAIN

Anonymous said...

Thanks for sharing vintage photographs of Indian film industry

दयानिधि वत्स said...

एक बेहद शानदार आलेख. मजा आ गया..

मोहम्मद कासिम said...

kehne ki jaroorat nahi ki bahut achcha lekh.

kaafi dino baad apki post padhkar achcha laga

Vidyadhar said...

Happy 4th Anniversary to Comic Blog and thanks to Zaheer bhai for reviving old memories. Also thanks to all contributors.

VISHAL said...

जाहीर भाई , कॉमिक वर्ल्ड की पांचवी सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो !
भाई, क्या चुन चुन कर 'लक्स सुंदरियां ' लाये हो , यहाँ पर तो सब को वोटिंग करनी चाहिए की इनमें से कौन है 'लक्स सुंदरी' ? बहुत मुश्किल है एक का नाम लेना ! बहुत ही कड़ा मुकाबला है सिम्मी, सायरा , वहीदा और शर्मीला में लेकिन मेरा वोट जाता है उसको जिसका देखने का अंदाज ही दिल पर बिजलियाँ गिरा रहा है "शर्मीला टैगोर" !! ;),
खुबसूरत मुस्कान का अवार्ड जाता है "वहीदा रहमान" को
और मिस फोटोजैनिक का अवार्ड जाता है "सायरा बानो" को
और अंत में मासूमियत की मूर्ति का अवार्ड जाता है भद्रपुरुष "प्रेम चोपड़ा" को ! हा हा हा हा क्या शराफत टप टप टप कर टपक रही है :)

sagar said...

Zaheer Bhai Heartly CONGRATS for 5th anniversary...!!!

kuldeepjain said...

जहीर भाई कॉमिक वर्ल्ड की पांचवी सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो !

मै इस बार थोडा लेट हो गया अपनी हाजिरी बजाने में पर अभी इधर थोडा व्यस्त था.
पोस्ट के बारे में अपनी विस्तृत टिपण्णी कुछ समय बाद दूंगा क्योकि जितनी चीज़े इस पोस्ट में डाली गयी है उससे दिमाग के ख्याल गड मड से हो गए है.

क्विज़ २ में जो नाम में एक नज़र में पहचान पाया वो है..

2b ...श्री K N सिंह
२D.. रहमान
२E.. दारा सिंह
२F ..तनूजा

रहमान जी के बारे में बहुत पहले एक बात सुनी थी की उन्होंने किसी भी पिक्चर में गरीब आदमी का रोल नहीं किया.
३ यंग और डायनामिक जो विज्ञापन में है वो मुझे मनोज कुमार, जोय मुख़र्जी और सुधीर लग रहे है.

Gaurav Arya said...

अद्भुत पोस्ट. आपके ब्लॉग के पांच सफल साल पूरे करने की आपको बहुत बहुत बधाइयाँ ! हम ये दुआ करते हैं कि आपका ये ब्लॉग सफलता की नई उचाइयां छुए और आप सदैव हमारे लिए नई नई प्रस्तुतियां देते रहें! एक बार फिर आपकी इस पोस्ट को पढ़ कर मज़ा आ गया ! किन्तु मन में एक सवाल भी उठता है की इतनी पुरानी पत्रिका कहाँ से लाते हो आप? और कैसे उन्हें सम्हाल के रखते हैं? ये आसान काम बिलकुल नहीं है!

Silly Boy said...

एक बहुत ही नायाब पोस्ट। अपने रचने वाले की तरह उम्दा। मेरी तरफ से बधाई सविकार करे। क्विज के उत्तर इस प्रकार है:-
2 ब: क न सिंह
2 द: रेहमान
2 e रंधावा

फ़ैब्रिक advertisement:- जॉय मुखर्जी, मनोज कुमार तथा सुधीर जो बाद मैं gangster के रोल करने लगे।
ईश्वर करे आप युही सफल पड़ाव पार करते रहे।
अंत मैं vintage चित्रो के लिए धन्यवाद। लक्स के advertisement बहुत ही भाए मेरे नेनों को। मैं इन्हे संग्रह कर रहा हुईं। इसी प्रकार हमारा मनोरंजन करते रहिए।

Comic World said...

Gaurav Saini: पोस्ट को पसंद करने के लिए शुक्रिया गौरव सैनी भाई | ठीक ही कहा आपने ज़िन्दगी के कठोर धरातल पर मेहनत करने वाले अब वो अदाकार कहाँ !!
आजकल तो मुंह में सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वो लोग ही फ़िल्मों में ज़्यादा आ रहे हैं जो फ़िल्मों का कला का नहीं बल्कि व्यवसाय का माध्यम समझते हैं |

Comic World said...

दयानिधि वत्स: शुक्रिया दया भाई |

Comic World said...

Mohd.Qasim: Thanks and welcome Qasim Bhai.

Comic World said...

Vidhyadhar: Welcome bro but its 5th anniversary not 4th.

Comic World said...

Vishal: शुक्रिया विशाल भाई,लेकिन आपने फ़िल्मी क्विज़ में भाग नहीं लिया !!
आप जैसे धुरंधर शख्स को इन फ़िल्मी हस्तियों के नाम पता न हो ऐसा हो ही नहीं सकता | आपके जवाबों के इंतज़ार में |

Comic World said...

Sagar: Thanks Sagar Bro.

Comic World said...

Kuldeep Jain: Rightly said about Rehman,waiting for your detailed comment.

Comic World said...

Gaurav Arya: गौरव आर्य भाई आपका बहुत बहुत शुक्रिया | अगर मन में कुछ ठान लो पुरानी किताबें मिलना मुश्किल नहीं है,मुश्किल है तो बस उन्हें सहज कर रखना |

Comic World said...

Arun: अरुण भाई लगता है यह पोस्ट आपको पसंद नहीं आई इसीलिए तो एक मुख़्तसर सी कमेन्ट डाल कर दामन छुड़ा बैठे आप |
इन फ़िल्मी हस्तियों में से आपसे कुछ नाम छूट जाये ऐसा होना मुश्किल है,ज़रा एक बार फिर से गौर से तसवीरें देखिये क्योंकि बाकी के कलाकार भी बहुत मशहूर रहे हैं |

Venkitachalam Subramanian said...

Congrats on your 5th anniversary. Continue the good work.

Venkitachalam - just a small but old-time visitor and contributor to your blog from your early days.

Comic World said...

Venkit: Thanks and welcome Venkit.Your spirit of sharing is priceless immaterial of its platform.

PBC said...

Congratulations!
5 years, really it’s a long journey.
2007 was most productive year for IJC fans. 8 bloggers (CW, Sagnik, Anupam, Kit Walker, ICC, OIC, TPH, Bala ji) stated posting IJC comics or IJC related materials. Earlier TCP was posting alone for approx. 2 years. Probably he was the main source of encouragement for many bloggers, contributors & collectors.
IJCs are still not over. Around 300+ Hindi (according to a fan) are not posted till today.
By adding variety or turning to another type of posts – it does just add more colours in blog only.
Waiting more posts. The post’s materials are your choice (as its blog) and time also. So, what you like & when you can.

Comic World said...

Anon: You are welcome.

Comic World said...

PBC: Thanks Prabhat for your kind wishes,yes,a lot of Hindi IJCs are still remaining to be digitized and i will be certainly trying to post several of them whichever i can suiting to my leisure time.
Its true that TCP was the main source of encouragement as he was the first to create a blog on IJCs and we are amazed to find a galaxy of IJCs at his blog which in turn inspired me to collect and post similarly.

akfunworld said...

ज़हीर भाई ब्लागिंग की दुनिया में ५ वर्ष पूरे करने पे बहुत बहुत मुबारकबाद. एक बेहतरीन पोस्ट जो इस अवसर को पूर्णतयः समर्थित करती है. एक ही पोस्ट में ४ कॉमिक्स उपलब्ध कराने के लिए भी धन्यवाद. आशा करता हूँ की आप भविष्य में भी अपने अनमोल खजाने में से हमारे लिए कुछ बहुमूल्य हीरे खोज के लाते रहेंगे.

Right Travels said...

Website is very comprehensive and informative. I have enjoyed the visit. From www.righttravelsonline.com

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